नक्सलवाद जैसी समस्या का सामना पूरी कर्तव्यनिष्ठा से करें – गृहमंत्री




नक्सलवाद जैसी गंभीर चुनौतियों का मुकाबला अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा एवं ईमानदारी के साथ करना होगा और इस दिशा में पुलिस द्वारा कर्तव्यपालन के दौरान आने वाली सभी समस्याओं के समाधान के लिए राज्य सरकार द्वारा हर संभव क़दम उठाये जा रहे हैं । भविष्य में भी राज्य शासन इसके लिए सदैव कटिबद्ध रहेगी । गृहमंत्री श्री ननकीराम कँवर ने पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय, माना में 26 वें नव आरक्षक बुनियादी प्रशिक्षण सत्र के नव आरक्षकों के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के आसंदी से नव आरक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य में नक्सली समस्या के साथ आम नागरिकों के जीवन में शांति और सुरक्षा की भावना बनाये रखने में आरक्षकों की महती भूमिका है, और यही विकास के लिए ज़रूरी है । उक्त अवसर पर पुलिस महानिदेशक श्री विश्वरंजन ने अपने संबोधन में कहा कि पुलिस को बेशक अपने काम को अंजाम देने में अनेक तरह के अवरोधों और बाधाओं का सामना करना पड़ता है लेकिन हमें अपने लक्ष्यों से नही भटकना चाहिए । उन्होंने नव आरक्षकों को प्रेरित करते हुए कहा कि उन्हें पूरी सतर्कता, मुस्तैदी से सेवा करते हुए आम नागरिकों का विश्वास अर्जित करना होगा । उन्होंने नव प्रशिक्षित आरक्षकों के उच्च कोटि प्रदर्शन के लिए प्रशिक्षण शाला के प्रशिक्षकों की भूरि-भूरि प्रशंसा की ।


इसके पूर्व दीक्षांत परेड़ समारोह में कुल 305 आरक्षकों ने भाग लिया जिन्हें कार्यक्रम के दरमियान श्री के। सी. अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक, पीटीएस, माना ने पूर्ण ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा एवं प्राण प्रण से सेवा करने की शपथ दिलायी । उक्त अवसर पर प्रशिक्षण काल के दरमियान विविध क्षेत्रों में उत्कृष्ट भूमिका निर्वहन के लिए कई नव आरक्षकों को गृह मंत्री ने प्रशंसा पत्र प्रदान कर हौसला आफ़जाई भी की । कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन श्री राजीव श्रीवास्तव, पुलिस महानिरीक्षक ने किया ।


इस विशिष्ट आयोजन में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री गिरिधारी नायक, पुलिस महानिरीक्षक (छसबल एवं प्रशिक्षण) श्री राजीव श्रीवास्तव, उप पुलिस महानिरीक्षक (छसबल, भिलाई) श्री एम.एस. तोमर, गृह सचिव श्री मनोहर पांडेय, पुलिस अधीक्षक रायपुर श्री अमित कुमार सहित सैकड़ों वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एव कर्मचारी, संस्था के प्रशिक्षण गण, गणमान्य नागरिक, मीडियाकर्मी उपस्थित थे।

प्रगति के पथ पर छत्तीसगढ़ पुलिस

नव वर्ष के शुभारंभ की सुबह आत्मावलोकन की सुबह है। वर्ष 2008 समय के सनातन नियम के अनुसार पुलिस विभाग के लिये नये अनुभवों तथा उपलब्धियों का रहा। प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री डॉ0 रमन सिंह के सक्षम नेतृत्व में राज्य पुलिस ने भरसक प्रयास किया कि यह विकास की अभिकर्ता के रूप में सामने आए। राज्य में मौजूदा हालात राज्य पुलिस के लिये चुनौतीपूर्ण है और पुलिस बल ने बखूबी प्रभावी कार्य कर दिखाया है। राज्य पुलिस ने इस वर्ष अधोसंरचना के उन्नयन हेतु विशेष प्रयास किए हैं। अपराधों के अन्वेषण, अभियोजन, अपराधों की रोकथाम तथा शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिये पर्याप्त व्यावसायिक दक्षता का प्रदर्शन किया है। राज्य पुलिस व्यावसायिक दक्षता की वृद्धि करने और कार्यक्षमता बढ़ाने के लिये वर्ष 2008 में उत्साहजनक प्रयास किये हैं।

मानव संसाधन में वृद्धि हेतु स्वीकृतियाँ

मानव संसाधन में अभिवृद्धि के अनुक्रम में वर्ष 2008 में विभिन्न संवर्ग के कुल 2660 नवीन पदों की स्वीकृति दी गई है। जिसमें, 03 नवीन अजाक थाना, 05 चौकी तथा 02 चौकियों का थाने में उन्नयन हेतु 244 पद, गृह (पुलिस) विभाग से संबंधित माननीय न्यायालय में लंबित प्रकरणों एवं समय पर माननीय न्यायालय में जवाब प्रस्तुत करने के उद्देश्य से पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण के गठन हेतु 44 पद, नक्सल क्षेत्र के थाना एवं चौकियों के प्रभावी नियंत्रण हेतु पुलिस अनुविभागीय अधिकारी एवं सहायक अमले के 03 पद, गृह (पुलिस) विभाग का कार्य क्षेत्र व्यापक होने के कारण छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल हेतु महानिदेशक का 01 पद, नक्सल क्षेत्रों के नवीन थाना/चौकी एवं अन्य आवासीय/प्रशासकीय भवनों के निर्माण हेतु पायोनियर कंपनी के गठन हेतु 142 पद, अति संवेदनशील प्रदेश होने के कारण राज्य के प्रथम नागरिक महामहिम राज्यपाल महोदय एवं माननीय मुख्यमंत्री महोदय की सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था हेतु 212 पद, प्रदेश के समूचे नक्सली गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु 02 भारत रक्षित वाहिनी बस्तर क्षेत्र के अंतर्गत 15वी, 16वीं वाहिनी हेतु 2014 पद, नक्सल क्षेत्र के अंतर्गत संवेदनशील, अतिसंवेदनशील थाना/चौकी एवं फील्ड में पदस्थ अधिकारी एवं कर्मचारियों को क्रमश: 15: एवं 20: नक्सली भत्ता की स्वीकृति प्रदान की गई है।

पदोन्नतियाँ :-
पुलिस विभाग में लगभग सभी संवर्गों के पुलिस अधिकारियों को पदोन्नति प्रदान की गई है। उप पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारियों को करीब 3 वर्ष से अधिक समय से लंबित उच्च वेतनमान की स्वीकृतियाँ शासन द्वारा जारी की गई है। कुल 16 निरीक्षकों को उप पुलिस अधीक्षक के पद पर पदोन्नति दी गई। सभी संवर्गों के लिपिकीय कर्मियों को भी पदोन्नति प्रदान की गई है। इसके अलावा 135 सहायक उप निरीक्षको एवं 130 उप निरीक्षकों एवं 63 सउनि (एम) को क्रमश: उप निरीक्षक, निरीक्षक व उप निरीक्षक (अ) के पद पर पदोन्नति हेतु योग्यता सूची जारी कर दी गई है जिन्हें शीघ्र पदोन्नतियाँ दी जावेगी ।

सीधी भर्ती

वर्ष 2008 में पुलिस में सीधी भर्ती के समस्त पदों पर भर्तियाँ की गई है। थानों के अपग्रेडेशन के अंतर्गत द्वितीय चरण के तहत स्वीकृत लगभग 4000 आरक्षकों की भर्ती की जा चुकी है । इसी प्रकार 380 उप निरी0/सूबेदार/प्लाटून कमाण्डर की सीधी भर्ती की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। लोक सेवा आयोग से चयनित होकर 41 उप पुलिस अधीक्षक नियुक्ति पश्चात पुलिस अकादमी चन्दखुरी में प्रशिक्षणरत् हैं। पुलिस प्रशिक्षण संस्थाओं के लिए 02 योग शिक्षक भी नियुक्त किए गए हैं जो पुलिसकर्मियों को योग प्रशिक्षण दे रहे हैं, जिससे पुलिस कर्मियों के स्वास्थ्य में सुधार के साथ-साथ उन्हें मानसिक तनाव को कम करने में सहायता मिल रही है।

पुलिस बजट -
राज्य शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2008-09 हेतु पुलिस विभाग हेतु मूल बजट में रू0 582.62 करोड़ एवं प्रथम अनुपूरक अनुमान में रू0 93.03 करोड़ इस प्रकार कुल 675.65 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है। नवम्बर 2008 की स्थिति में प्रावधानित बजट में से रू0 423.36 करोड़ का व्यय हो चुका है अथाZत उपयोगिता 62.66 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है।

साधन सुविधाएँ :-

• आधुनिकीकरण योजना के अंतर्गत टाटा सूमो विक्टा 05, ट्रेक्टर मय ट्राली 05, जीप 53, बोलेरो इन्वेडर 05, बुलेट प्रुफ महिन्द्रा जीप 01, हाइड्रोलिक क्रेन 01, जेल वाहन 02, वज्र वाहन 10, आर0आई0वी0 02, मोटर सायकिल 100, 52 सीटर बस 04, वाटर टैंकर 04 नग क्रय कर इकाईयों को आबंटित किया गया है ।
• योजना अंतर्गत उपकरण/सामग्री सर्च लाईट 321 नग, क्वायर मेट्रेस 350 नग, फोिल्डंग कॉट 350 नग, फोटोकापियर 62 नग, जनरेटर 2.5 केवीए 14 नग, डिजीटल डुप्लीकेटिंग मशीन 04 नग, नाईट विजन गॉगल 16 नग, हेण्ड ग्रेनेड ट्रेनिंग सिमुलेटर 05 सेट, इमरजेंसी लाईटिंग सिस्टम 12 नग, लेपटॉप कम्प्यूटर 12 नग, डेस्कटॉप कम्प्यूटर 70 नग, 110 नग लेजर प्रिंटर, टी0वी0 विथ डीवीडी 10 नग, कम्प्यूटर टेबल एवं चेयर 88 नग, जनरेटर 10 केवीए 09 नग क्रय कर इकाईयों को आबंटित किया गया है ।
• राज्य बजट के अंतर्गत 13वीं वाहिनी एवं अन्य इकाईयों हेतु जीप 18 नग, मिनी बस 13 नग, वज्र वाहन 03 नग, बुलेट प्रुफ बोलेरो 02 नग, बुलेट प्रुफ जीप 01 नग, सर्च लाईट 25 नग, जनरेटर 03 नग, विन्डो कूलर 13 नग, क्वायर मेट्रेस 380 नग, जनरेटर 10 केवीए 20 नग क्रय किया जाकर इकाईयों को आबंटित किया गया है। 13वीं वाहिनी हेतु फर्नीचर एवं कार्यालय उपकरण कम्प्यूटर, टाईपराइटर, डुप्लीकेटिंग मशीन, प्रोजेक्टर, जनरेटर, कूलर, आलमारी, फेक्स, फोटोकापियर क्रय किया जाकर प्रदाय किया गया है ।

पुलिस बल का आधुनिकीकरण -

वर्ष 2008 में पुलिस बल आधुनिकीकरण योजना 2007-08 अंतर्गत भारत सरकार, गृह मंत्रालय से रू0 28.10 करोड़ की स्वीकृति प्राप्त हुई है। प्राप्त आबंटन से विभिन्न इकाईयों में प्रशासकीय भवन, आवासीय भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। वाहन, अस़्त्र-शस्त्र, सुरक्षा एवं अन्य उपकरण, प्रशिक्षण उपकरण, एफएसएल उपकरण तथा दूरसंचार उपकरणों का प्रबंध किया जा रहा है। स्वीकृत सामग्री/उपकरणों की क्रय कार्यवाही त्वरित गति से जारी है। स्पेशल ग्रांट के तहत नक्सल समस्या से निपटने के लिए भारत सरकार द्वारा अतिरिक्त रूप से स्वीकृत किए गए रू0 15.00 करोड़ के अस्त्र-शस्त्र एवं रू0 4.11 करोड़ के 5 नग माईन प्रोटेक्टेड वाहन क्रय किये जा रहे हैं। राज्य शासन द्वारा दिये गये अनुदान के तहत रू0 6.41 करोड़ के अत्याधुनिक हथियार विदेशों से आयात किये जा रहे हैं।

प्रशासकीय एवं आवासीय भवनों का निर्माण

 12 वे वित्त आयोग के अंतर्गत
जंगलवार फेयर कालेज कांकेर के प्रशासकीय/आवासीय भवन निर्माण हेतु 807।83 लाख, पुलिस अकादमी चन्दखुरी के प्रशासकीय/आवासीय भवन निर्माण हेतु रूपये 803.015 लाख, पीटीएस माना के उन्यन हेतु प्रशासकीय भवन निर्माण हेतु रूपये 131.00 लाख, पीटीएस राजनादगांव के उन् प्रशासकीय/आवासीय भवन निर्माण हेतु 57.82 लाख, एपीटीएस बारसूर केम्प जगदलपुर के प्रशासकीय/आवासीय भवन निर्माण हेतु रूपये 57.29 लाख, पुलिस प्रशिक्षण केन्द्र बोरगाँव के प्रशासकीय /आवासीय भवन निर्माण हेतु 29.00 लाख, को-आर्डिनेशन सेन्टर रायपुर हेतु 213.31 लाख, को-आर्डिनेशन सेन्टर बस्तर हेतु 203.27 लाख, को-आर्डिनेशन सेन्टर सरगुजा हेतु 203.27 लाख, नवीन पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय मैनपाट सरगुजा के प्रशासकीय भवन निर्माण हेतु रूपये 300.00 लाख का आवंटन जारी किया गया है।

आधुनिकीकरण योजना के अंतर्गत

1 पुलिस लाईन, 3 थाना भवन, 20 अराजपत्रित आवासगृह, 80 प्रधान आरक्षक आवास गृहों के निर्माण हेतु रू0 494।00 लाख की स्वीकृति, पुलिस थानों में कंप्यूटरीकरण हेतु सीपा योजना के अन्तर्गत 100 थानो मे 10 ग् 10 पक्का रूम निर्माण हेतु 45.00 लाख का आवंटन जारी, पायलेट प्रोजेक्ट के अन्तर्गत जिला बीजापुर हेतु 1520.21 लाख एवं जिला दन्तेवाडा हेतु 1068.40 लाख की स्वीकृति भारत सरकार से जारी, राज्य योजना मंडल के अन्तर्गत 10.00 करोड लागत से प्रशासकीय भवन निर्माण हेतु स्वीकृति जारीं।

राज्य बजट के अंतर्गत

6.34 करोड की लागत से विभिन्न थाना/चौकियों एवं क्वार्टर गार्ड के कन्सर्टिना क्वायल फेंसिंग एवं एम एस फेब्रिकेटेड गेट निर्माण की स्वीकृति, 11 बटालियनों में एक-एक एवं जिलों के पुलिस लाईनों में दो-दो कुल 51 सुलभ शौचालय निर्माण हेतु रूपये 434.52 लाख की स्वीकृति, 10 बटालियन एवं अन्य स्थानों में ओवर हेड टेन्क निर्माण हेतु रूपये 50.00 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति एवं 16 थाना एवं 01 चौकी भवन निर्माण हेतु रूपये 359.26 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति जारी।

कानून व्यवस्था की उत्कृष्ट स्थिति :-
वर्ष 2008 में प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति पूर्णत: नियंत्रण में रही। विभिन्न राजनैतिक दलों द्वारा राष्ट्रीय, राजनैतिक व स्थानीय समस्याओं को लेकर जूलूस, धरना/प्रदर्शन, आमसभा इत्यादि आंदोलन किये गये, जो शातिपूर्ण रहे। राज्य में साम्प्रदायिक सौहाद्रZ पूणत: कायम रहा। प्रदेश की जनता ने कानून व्यवस्था बनाये रखने में सहयोग दिया। प्रदेश में राज्य विधान सभा चुनाव दिनांक 14.11.2008 से 13.12.2008 तक शांतिपूर्ण सम्पन्न हुए। इसके अतिरिक्त कृषक, छात्र, शासकीय सेवकों एवं श्रमिक संगठनों के आंदोलन शांतिपूर्ण रहे। राज्य का पुलिस तंत्र जनसमस्याओं के निवारण हेतु कृतसंकल्प है। प्रदेश के 2 करोड़ 8 लाख नागरिकों का विश्वास राज्य की पुलिस पर और मजबूत हुआ है।

कल्याणकारी योजनाएँ
सामुहिक बीमा :- राज्य शासन द्वारा नक्सली हिंसा में शहीद, अपंग एवं घायल होने वाले पुलिस अधिकारियों के परिवारों को बीमा क्लेम की राशि 211 शहीदों के लिए रू0 21.10 लाख का भुगतान किया गया है। बीमा दावों के भुगतान में आ रही असुविधाओं को दूर करने के उद्वेश्य से राज्य शासन द्वारा अब सामूहिक बीमा विकल्प विशेष अनुदान योजना 2008 दिनांक 29.05.08 से लागू की गई है। इस हेतु राज्य शासन द्वारा 5.00 करोड़ रूपये की राशि स्वीकृत की गई है। अब तक 28 प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है।

परोपकार निधि :-
परोपकार निधि में कमचारियों के वेतन से अंशदान एवं शासन से प्राप्त अनुदान की राशि से मृतक के आश्रित परिवार को रू0 20,000/- एवं नक्सली हिंसा में शहीदों के आश्रितों को रू0 1.00 लाख की राशि अनुदान के रूप में दी जाती है। इसके अंतर्गत 22 शहीदों के आश्रितों को रू0 22.00 लाख का भुगतान किया जा चुका है।

सम्मान निधि :-
छत्तीसगढ़ पुलिस के समस्त अधिकारियों द्वारा अपने एक दिन के वेतन से शहीद सम्मान निधि का गठन किया गया है जो शहीद स्मृति दिवस 21 अक्टूबर, 2008 से प्रारंभ की गई है । जिसके अंतर्गत छत्तीसगढ़ पुलिस के शहीद होने वाले पुलिस अधिकारी के परिवार को राशि रू0 1.00 लाख पृथक से सम्मान निधि के रूप में स्वीकृत किए जाते हैं। अब तक 8 शहीद पुलिस अधिकारियों के आश्रित परिवारों को इस निधि के अंतर्गत भुगतान किया गया है ।

विशेष अनुग्रह अनुदान :-
छत्तीसगढ़ में नियोजित किए गए अन्य अर्द्ध सैनिक बलों के अधिकारियों के शहीद होने की स्थिति में विशेष अनुग्रह अनुदान राशि स्वीकृत किए जाने हेतु पूर्व में राज्य शासन द्वारा स्वीकृत का सरलीकरण करते हुए अब राशि रू0 3।00 लाख प्रत्येक शहीद के आश्रित परिवार को स्वीकृत किए जाने के अधिकार पुलिस महानिदेशक को प्रदाय किए गए हैं जिससे अब अपेक्षाकृत शीघ्र यह राशि शहीद के आश्रित परिवार को सुलभ कराई जा सकेगी।

शहीदों के आश्रितों को अनुकम्पा नियुक्ति हेतु नियमों का शिथिलीकरण :- पुलिस विभाग की पहल पर राज्य शासन द्वारा शहीदों के आश्रितों को अनुकम्पा नियुक्ति दिए जाने बाबत् नियमों का शिथिलीकरण किया गया है जिसके तहत अब शहीद के परिवार के किसी अन्य सदस्य के शासकीय सेवा में होते हुए भी एक अन्य सदस्य को अनुकम्पा नियुक्ति की पात्रता होगी। इसी प्रकार शैक्षणिक योग्यता में भी आवश्यक छूट देने के अधिकार पुलिस महानिदेशक को दिए गए हैं तथा अनुकम्पा नियुक्ति हेतु आवेदन-पत्र प्रस्तुत करने हेतु आवेदन-पत्र की समय-सीमा 6 माह के स्थान पर 01 वर्ष की गई है।

अपराध अनुसंधान

• पुलिस थानों के कंप्यूटराईजेशन की ओर बढ़ते कदम :- पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली को नागरिकों हेतु सुविधाजनक बनाने तथा पारदर्शिता लाने के उद्देशय से एन.आई.सी. द्वारा भारत सरकार की सीपा योजना के प्रथम चरण के अंतर्गत राज्य के 10 प्रतिशत थानों में कम्प्यूटरीकरण का कार्य प्रारंभ किया गया था। इसी तारतम्य में राष्ट्रीय ई-गर्वनेंस योजना के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा सी.सी.टी.एन.एस. योजना प्रारंभ की जा रही है जो कि सीपा का अत्याधुनिक एवं समेकित रूप है सी.सी.टी.एन.एस. में सीपा के अतिरिक्त पुलिस विभाग में प्रचलित कम्प्यूटरीकरण की अन्य योजनाओं को भी समाहित किया गया है। सी.सी.टी.एन.एस. के नोडल आफिसर की नियुक्ति कर दी गई है एवं प्रक्रिया जारी है।

• फिंगर प्रिंट शाखा की उपलब्धि :- ब्यूरो द्वारा वर्ष 2008 में 10 विवादग्रस्त दस्तावेजों, 56 वस्तु प्रकरणों, 1072 अंगुल चिन्ह अभिलेख पिर्णयों, 1736 अन्वेषण पिर्णयों, 41 निगरानी बदमाशों के अंगुल चिन्हों का वर्गीकरण कर प्रकरण निराकृत किए गए।

• साईबर लेब की स्थापना :- अपराध अनुसंधान विभाग के अंतर्गत कार्यरत साइबर सेल में हार्ड डिस्क से मिटाए गए डाटा के पुर्ननिर्माण के लिए विशेष साफ्टवेयर (ECASE V5.0) क्रय किया गया है जिसकी सहायता से जाली अंकसूची प्रकरण में महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल की गई ।

• फोटोग्राफी :- फील्ड स्तर पर अपराध अनुसंधान को वैज्ञानिक रूप प्रदान करने हेतु आधुनिकीकरण योजना के अंतर्गत राज्य के 175 थानों को फिक्स फोकस कैमरे प्रदाय किए गए हैं, 16 जिलों को विडियो कैमरे तथा 14 जिलों को डार्क रूम सामग्री प्रदाय की गई है।

• अपराध में नियंत्रण :-
पिछले वर्ष के नवम्बर माह से वर्तमान वर्ष अक्टूबर माह तक के आंकड़ों के तुलनात्मक विश्लेषण पर ज्ञात होता है कि पिछले वर्ष की तुलना में कुल भादवि अपराधों में 13.5 प्रतिशत की वृद्धि परिलक्षित हुई है। आवेश में घटित होने वाले अपराध जैसे कि हत्या में 4.45 प्रतिशत की वृद्धि, जबकि हत्या के प्रयास में 12 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। पुलिस मुख्यालय द्वारा सभी जिलों को स्वतंत्र रूप से अपराध पंजीबद्ध करने के निर्देश दिए गए थे जिसके कारण डकैती तथा लूट जैसे सम्पत्ति संबंधी अपराधों में लगभग 15 प्रतिशत की वृद्धि परिलक्षित हुई है। इसी अवधि में प्रतिबंधक धाराओं के अंतर्गत 12.7 प्रतिशत की एवं लघु अधिनियमों के अंतर्गत 21.4 प्रतिशत की वृद्धि परिलक्षित हुई है। वर्ष 2008 के दौरान प्रतिबंधात्मक धाराओं तथा लघु अधिनियमों के अंतर्गत की गई कार्यवाही में राज्य भर में उल्लेखनीय वृद्धि परिलक्षित हुई है जिसके कारण से अपराध नियंत्रण में अपेक्षित परिणाम अर्जित किए गए हैं। वर्ष 2008 में विभिन्न अपराध से संबंधित प्रकरणों में 24 संदिग्ध व्यक्तियों के पोटेZट बनाए गए जिसमें से 01 प्रकरण में उल्लेखनीय सफलता अर्जित की गई।

नक्सलवाद पर करारा प्रहार :-
प्रदेश के विकास के मार्ग में सबसे बड़े अवरोध तथा लोकतंत्र के शत्रु नक्सलियों पर पुलिस द्वारा भीषण वार किया गया। वर्ष 2008 में 29 दिसम्बर तक नक्सल विरोधी मुहिम के दौरान हुई नक्सली व सुरक्षा बलों के साथ हुई 232 मुठभेड़ों में 67 नक्सलियों को मार गिराया गया एवं 156 नक्सली/404 संघम सदस्यों को गिरफ्तार कर 07 नक्सली कैम्प ध्वस्त किया गया। वर्ष 2008 (29 दिसम्बर तक) में नक्सलियों से भारी मात्रा में हथियार एवं विस्फोटक सामग्री जप्त की गई, जिसमें 01 नग ए.के-47, 02 नग एस.एल.आर., 04 नग 315 बोर रायफल, 06 नग 303 रायफल, 94 नग भरमार बंदूक, 21 नग 12 बोर बंदूक, 94 नग देशी कट्टा, 01 नग 12 बोर कट्टा, 01 नग देशी पिस्टल, 11 नग पिस्टल 04 देशी 2 इंच मोर्टार, 01 आटोमेटिक रायफल, 01 माउजर, 01 देशी स्टेनगन, 315 बोर कट्टा 01 नग, (कुल 244 हथियार) 83 लैण्डमाइंस, 218 डेटोनेटर सहित भारी मात्रा में कारतूस एवं प्रेशर बम, पेट्रोल बम तथा आई.ई.डी 08 नग आदि बरामद किये गये, इससे बौखलाकर नक्सलियों द्वारा हिंसात्मक घटनाए की गई। वर्ष 2008 (29 दिसम्बर तक) प्रदेश में नक्सलियों द्वारा हत्या 141, हत्या के प्रयास 264, डकैती 45, लूट 05, आगजनी 54, मारपीट 03, अपहरण 11 एवं अन्य 147 अपराधिक घटनाएँ कारित की गई जो नक्सलियों की हताशा का घोतक है एवं विगत वर्षों की तुलना में कम है। इस वर्ष विधानसभा चुनाव, पुलिस की सक्रियता से शांतिपूर्ण कराने में सफल रहे। वर्ष 2008 (29 दिसम्बर तक) के दौरान पुलिस बल के 64/16 (SPO) अधिकारियों ने कर्तव्य पथ पर चरम बलिदान कर अपने प्राणों की आहुति दी। वहीं नक्सली हिंसा में 139 आम नागरिकों, 05 अन्य शासकीय कर्मियों तथा 01 गोपनीय सैनिक की भी मृत्यु हुई। इसी मध्य रायपुर भिलाई, दुर्ग, बिलासपुर जैसे गैर नक्सल प्रभावित माने जाने वाले जिलों के सघन शहरी इलाकों में नक्सलियों के शहरी नेटवर्क को तोड़ने, उनके समर्थक आईलम्मा कल्लवल्ला उर्फ कविता उर्फ संध्या उर्फ मीना चौधरी, मालती उर्फ के.एस. प्रिया उर्फ शांतिप्रिया, असित कुमार सेनगुप्ता को गिरफ्तार कर उनसे 5 लाख रूपये नगद, 5 नग वाहन, 47 नग वाकी टॉकी, 9 नग 9 एमएम पिस्टल, 53 नग 9एमएम पिस्टल के कारतूस, 251 नक्सली वर्दी पेंट, 197 शर्ट, 634 मी. कपड़ा एवं 87 नग देशी पिस्टल जप्त कर उनके आपूर्ति तंत्र को समाप्त करने में कामयाबी हाथ लगी है।

प्रशिक्षण से प्रवीणता :-
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नक्सली गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने हेतु सीटीजेडब्ल्यू वारंगटे, मिजोरम की तर्ज पर प्रशिक्षण दिये जाने हेतु जंगलवार फेयर कॉलेज कांकेर की स्थापना किया जाकर अधिकारी/कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। नवगठित पुलिस अकादमी चंदखुरी में परीक्षाधीन 41 उप पुलिस अधीक्षकों का 1 वर्ष का बुनियादी प्रशिक्षण कराया जा रहा है। वर्ष 2008 में 01.11.2008 तक जिला पुलिस बल के 2605 नव आरक्षकों को विभिन्न प्रशिक्षण शालाओं में प्रशिक्षण दिया गया है। प्रदेश के विभिन्न प्रशिक्षण शालाओं एवं वाहिनियों में 288 महिला आरक्षकों सहित कुल 3278 नव आरक्षकों को बुनियादी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

१८ आईपीएस की पदस्थापना में परिवर्तन

रायपुर । राज्य शासन ने आज 31 दिसम्बर को भारतीय पुलिस सेवा के 18 अधिकारियों की नवीन पदस्थापना एवं स्थानांतरण आदेश जारी किया है । नये आदेश के अनुसार श्री अनिल एम.नवानी महानिदेशक छसबल से महानिदेशक होमगार्ड, श्री गिरधारी नायक अतिरिक्त महानिदेशक गुप्तवार्ता एवं प्रशिक्षण से अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अपराध अनुसंधान, श्री डी.एम.अवस्थी पुलिस महानिरीक्षक गुप्त वार्ता अपने कार्य के साथ-साथ पुलिस महानिरीक्षक रायपुर, श्री वाय.के.एस.ठाकुर पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज से पुलिस महानिरीक्षक, आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो, श्री आनन्द तिवारी पुलिस महानिरीक्षक, आर्थिक महानिरीक्षक, अपराध अनुसंधान, श्री संजय पिल्लै, सचिव गृह विभाग, छत्तीसगढ़ शासन से अतिरिक्त परिवहन आयुक्त, श्री मुकेश गुप्ता पुलिस महानिरीक्षक, सरगुजा रेंज से पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग रेंज (नया रेंज), श्री अशोक जुनेजा अतिरिक्त परिवहन आयुक्त से सचिव, गृह विभाग, छत्तीसगढ़ शासन, श्री आर.सी.पटेल पुलिस महानिरीक्षक, अजाक, पुलिस मुख्यालय से पुलिस महानिरीक्षक, सरगुजा रेंज, श्री बी.एस. मेरावी अवकाश से लौटने पर पुलिस महानिरीक्षक, अजाक, पुमु, श्री राजेश मिश्रा संचालक, खेल एवं युवा कल्याण से संचालक, लोक अभियोजन, श्री अरुणदेव गौतम, उप पुलिस महानिरीक्षक, मुख्यमंत्री सुरक्षा से उप पुलिस महानिरीक्षक, प्रशासन, श्री जी.पी.सिंह, उप पुलिस महानिरीक्षक, योजना एवं प्रबंधन, पुमु से संचालक, खेल एवं युवा कल्याण, श्री हिमांश गुप्ता, उप पुलिस महानिरीक्षक, अपराध अनुसंधान विभाग अपने कार्य के साथ-साथ उप पुमुनि, योजना एवं प्रबंध बनाया गया है ।
इसी तरह श्री ओमप्रकाश पाल पुलिस अधीक्षक धमतरी से पुलिस अधीक्षक कोरिया, श्रीमती नेहा चम्पावत, पुलिस अधीक्षक कोरिया से पुलिस अधीक्षक धमतरी, श्री एस. के.झा. पुलिस अधीक्षक रेल्वे रायपुर से पुलिस अधीक्षक जांजगीर-चांपा, श्री पी.एस.बारा पुलिस अधीक्षक जांजगीर-चांपा से पुलिस अधीक्षक रेल्वे, रायपुर बनाये गये हैं ।

राज्य में टोनही प्रथा के ख़िलाफ़ पुलिस चलायेगी सामाजिक अभियान

राज्य भर में टास्क फ़ोर्स का होगा गठन
डीजीपी की संवेदनात्मक पहल

रायपुर । पुलिस महानिदेशक श्री विश्वरंजन की विशेष संवेदनशील पहल से टोनही आदि अंधविश्वासों के ख़िलाफ़ सामाजिक वातावरण बनाने के लिए राज्य भर में पुलिस द्वारा स्वयंसेवी भावना से सामाजिक अभियान प्रारंभ किया जा रहा है । उन्होंने सभी पुलिस महानिरीक्षकों एवं पुलिस अधीक्षकों को सचेत एवं तत्पर कानूनी कार्यवाही के साथ-साथ अभियान संचालन हेतु त्वरित कार्यवाही प्रारंभ करने का निर्देश दिया है। इस अभियान का मूल लक्ष्य वर्ष 09 में टोनही प्रकरण और उनसे उत्पन्न सामाजिक अपराध की दर को शून्य पर स्थिर कर उसकी निरंतरता बनाये रखना है । इस अभियान के द्वारा राज्य भर में पुलिस विभाग के फील्ड अधिकारियों का उन्मुखीकरण, कथित टोनही आदि की आड़ में अपराधिक प्रवृति के खिलाफ मानव संसाधन को प्रशिक्षित कर दक्ष बनाने, प्रचलित अंधविश्वासों के खिलाफ वैज्ञानिक चेतना का प्रसार एवं अपराधिक प्रवृति वाले अंधविश्वासों की रोकथाम के लिए कारगर नेटवर्क बनाया जायेगा ।

श्री विश्वरंजन ने बताया है कि इस अभियान के समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए राज्य पुलिस टास्क फ़ोर्स का गठन किया जा रहा है । इसके अलावा जिले, अनुविभाग एवं थाने स्तर पर पुलिस टास्क फ़ोर्स गठित किया जायेगा, जिसके अध्यक्ष क्रमशः पुलिस अधीक्षक, अनुविभागीय अधिकारी एवं संबंधित थानेदार होंगे । इस त्रिस्तरीय टास्क फोर्स में पुलिस अधिकारियों के अलावा राष्ट्रीय सेवा योजना, रेड क्रास सोसायटी, स्वयंसेवी चिकित्सक, शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता, सामाजिक जन जागरण अभियानों के कार्यकर्ता, विज्ञान-शिक्षक, महिला संगठनों की कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी, रंगकर्मी, साहित्यकार एवं मीडियाकर्मी आदि होंगे । ये टास्क फ़ोर्स अभियान हेतु रणनीतियों का निर्धारण, संचालन, समीक्षा, मानिटरिंग, प्रोत्साहन, प्रेरणा एवं वांछित सहयोग उपलब्ध कराने का कार्य करेंगे ।

राज्य पुलिस टास्क फोर्स के अध्यक्ष श्री विश्वरंजन ने बताया कि इन टास्क फ़ोर्स के संयोजन में प्रचलित टोनही सहित ऐसे अन्य अंधश्रद्धाओं की पहचान किया जायेगा जो कानूनी के समक्ष अवैधानिक या समाज में अप्रिय स्थितियों की संभावनाओं को बढ़ावा देती हैं। समाज में प्रचलित अंधश्रद्धा के समूल निराकरण हेतु वातावरण निर्माण के लिए अधिकतम् संभावित सामाजिक, सांस्कृतिक, प्रशासनिक, वैधानिक, शैक्षिक चिकित्सागत पहलों का आंकलन, क्षेत्र की वास्तविकताओं के अनुरूप रणनीतियों का निर्धारण एवं उनका चरण बद्ध ढंग से सम्यक क्रियान्वयन किया जायेगा । टास्क फोर्स द्वारा क्षेत्र वैज्ञानिक यथार्थ, सामाजिक चेतना, कानूनी प्रावधानों, तर्काश्रित आस्था एवं विश्वास को प्रोत्साहित करने वाली गतिविधियों का आयोजन, प्रचार-प्रसार एवं ऐसे स्वयंसेवी संगठनों को प्रोत्साहित किया जायेगा ।
इन टास्क फोर्स द्वारा राज्य भर में वैज्ञानिक प्रयोगों एवं ट्रिक्स से प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं ग्रामों में प्रायोगिक प्रदर्शन, कला जत्थों का आयोजन, बौद्धिक सभाओं का चरणबद्ध आयोजन, स्थानीय भाषा में कानूनी प्रावधानों का पोस्टर एवं पांप्लेट निर्माण कर वातावरण तैयार किया जायेगा ।

गाँवों के भोली-भाली आम जनता को वैज्ञानिक प्रयोगों के माध्यम से रियेलिटी से परिचित कराने के लिए हर गाँव से एक युवा कार्यकर्ता को वैज्ञानिक संगठनों की सहायता से प्रशिक्षित किया जायेगा। राज्य स्तर पर 25 मुख्य स्त्रोत प्रशिक्षकों होंगे जो जिला स्तर पर चयनित 10-10 मास्टर ट्रेनर्स इस प्रकार कुल 190 मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षित करेंगे । ऐसे 190 जिला मास्टर ट्रेनर्स प्रत्येक अनुविभाग के 10-10 प्रशिक्षकों को प्रशिक्षति करेंगे । ये प्रशिक्षक अपने अनुविभाग के अंतर्गत आने वाले थानों व प्रत्येक ग्रामों के 1-1 युवा कार्यकर्ता को प्रशिक्षित करेंगे । अभियान को गति देने के लिए मीडिया सहित प्रबुद्ध नृत्य मंडलियों, रामायण मंडलियों, धार्मिक संस्थाओं के प्रमुखों का भी सहयोग लिया जायेगा। टास्क फोर्स अंधश्रद्धा फैलाकर समाज में अवैज्ञानिक, अमानवीय, असामाजिक वातावरण बनाने वाले तथा अज्ञानता का लाभ उठाकर द्रव्य सहित रूपये कमाने वाले धूर्त बैगा, गुनिया, टोनहों की गोपनीय सूची भी गाँव के कोटवारों के माध्यम से तैयार करेगा तथा घटना पूर्व संबंधितों को पूर्ण कानूनी सहयोग एवं उनके सामाजिक बचाव के लिए सभी उपायों का सतर्क अनुप्रयोग करेगा । टोनही एवं ऐसे अंधश्रद्धा केंद्रित कुरीतियों को रोकने में सर्वोत्कृष्ट एवं कारगर भूमिका निभाने वाले पुलिस कर्मी, स्वयंसेवी कार्यकर्ताओं, अधिकारियों को महत्वपूर्ण अवसरों पर सार्वजनिक सम्मान एवं पुरस्कृत किया जा सकेगा ।

सूबेदार, उप निरीक्षक, प्लाटून कमांडर भर्ती हेतु साक्षात्कार २२-२८ दिसम्बर को


छत्तीसगढ़ व्यवसायिक परीक्षा मंडल द्वारा पुलिस मुख्यालय को सूबेदार, उप निरीक्षक, प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा 2006 हेतु पूर्व में लिखित परीक्षा पास उम्मीदवारों की जारी सूची में आंशिक संशोधन करते हुए 164 उम्मीदवारों की अतिरिक्त सूची सोंपी गई है । ऐसे उम्मीदवारों की शारीरिक दक्षता परीक्षा एवं साक्षात्कार चयन समिति द्वारा लिया जायेगा ।

ये उम्मीदवारा पूर्व में लिखित परीक्षा मे उत्तीर्ण घोषित नहीं किये जाने से द्वितीय चरण की परी7ओं में सम्मिलित नहीं किये गये थे । लिखित परीक्षा के माडल उत्तर में कतिपय त्रुटियाँ संज्ञान में आने पर छत्तीसगढ़ व्यवसायिक परीक्षा मंडल, रायपुर (व्यापम) द्वारा संशोधित सूची पुलिस मुख्यालय रायपुर को सोंपी गई है, जिसके अनुसार 164 उम्मीदवारों को द्वितीय चरण की परीक्षा में सम्मिलित होने हेतु 22 से 28 दिसम्बर, 2008 की अवधि नियत की गई है ।

इस अवधि में 22 से 24 दिसम्बर तक शारीरिक दक्षता परीक्षा एवं 26 से 28 दिसम्बर तक साक्षात्कार लिया जावेगा । उम्मीदवारों को शारीरिक दक्षता परीक्षा हेतु पीटीएस माना, रायपुर में प्रातः 9 बजे उपस्थिति देनी होगी । साक्षात्कार का समय पृथक से अवगत कराया जावेगा । जिन समस्त 164 उम्मीदवारों उक्त परीक्षा में सम्मिलित होने हेतु सूचना प्रेषित कर दिया गया है, उनके नाम इस प्रकार हैं –


राधा पैंकरा, प्रमोद कुमार शर्मा, जितेन्द्र कुमार सोनी, अवनीश कुमार पासवान,रूपेश कुमार रावत,लालू सिंह,कृष्ण कुमार सिंह, अरुण कुमार बडेरिया, धनंजय जायसवाल, अमृता देवी पलेरिया, चंचल तिवारी, प्रज्ञा पांडे,शाइस्ता फातिमा, बिजेश कुमार सिंह, मनीष शुक्ल,हीरामणि पटेल, इरशाद अली, नीतेश राजपूत, भास्कर पूडके, मनीष कुमार पटेल, अनिल कुमार वर्मा, पीयूष कांत चंद्राकर, सुजीत कुमार पटेल, मुकेश कुमार यादव, अनुरोध साहू, मनोज कुमार कौशिक, भागवत प्रसाद जायसवाल, ओमप्रकाश पटेल, तेज प्रकाश जायसवाल, सुरेश कुमार सोनी, महेश कुमार बरेठ, कुमारी सरिता भास्कर, संगीता भास्कर, सीमा पटेल, शशि साईं, डेनियल सिंह चन्द्रा, श्रीकांत साहू, संजीव कुमार मिरी, गौतम कुमार, प्रणव कुमार तिवारी, वीरेन्द्र कुमार उइके, राकेश कुमार वर्मा, प्रीति सिंह, किरण सिंह कंवर बलिंदर सिंह, अम्ब्रुस टिर्की, बार्थोलोमी केरकेट्टा, घनश्याम तिवारी, विकास शुक्ला, संदीप सिंह ठाकुर, सुरेन्द्र कुमार देवांगन, रोशन सिंह गौतम, सोमेश्वर प्रसाद राठौर, राजेश कुमार बानवे गोपी यादव, विजेन्द्र कुमार यादव, जय राम सिदार, मोहन प्रसाद बनर्जी, अमित कुमार, प्रीति त्रिपाठी, लीना प्रधान, सरिता रंगारी, देवी रत्न बंसोड पाटिल, सीमा अग्रवाल, नवीन कुमार सिंह, चंद्र कुमार देशमुख, विनोद कुमार सोनी, दिनेश कुमार गोयल, दिलबाग सिंह, स्वदेश गुप्ता, टिकेन्द्र कुमार यदू, घनश्याम, सुरेन्द्र कुमार सोनी, दिनेश कुमार, अजय कुमार बंजारे, त्रिभुवन मोहन वासनिक, नरेश कुमार, टुमन लाल बघेल, भूपेन्द्र कुमार सिन्हा, राजेंद्र कुमार, कैलाश कुमार शर्मा, राकेश सिंह, अविनाश तिवारी, दुर्गेश कुमार सिंह, रजनीकांत साहू, संतोष सोनी, मोहम्मद नबी, इंद्रजीत कुमार, उत्तम गौतम टंडन, जै कुमार डेहेरिया, मनोज कुमार चंद्रवंशी, संजय कुमार मंडावी, हूमा रहमान, शारदा शुक्ला, सौरभ सिंह राठौर, टेक राम वर्मा, अभिराम मेश्राम, राजीव कुमार तिवारी, गौतम चौधरी, महेन्द्र कुमार साहू, प्रदीप कुमार पोयम, सतीश दीवान, प्रमीला नाग, टिकेश्वर कुमार सोनबेर, रवि कुमार ठाकुर, सतीश कुमार नवरंगे, हरि प्रिया पटेल, पंकज कुमार पारीक, सौरभ पटेल,अनिल कुमार निकुंज, नमित कुमार मोदी, लिंगराज चौधरी, सुरेश कुमार गेंदले, निर्मला साहू,दिलीप कुमार साहू, पारस कुमार सोनी, किशन कुमार देवांगन, मुरली मनोहर पटेल, रमेश कुमार पटेल, तेज कुमार यादव, मनोज कुमार गुप्ता, शंकर लाल नाईक, विषीकेशन दिनकर, विजय कुमार एक्का, चित्रलेखा साहू, ममता शीतल मिश्र, योगेश सिंह ठाकुर, भूपेन्द्र पेंडारिया, पीयूष ठाकूर, राजेश बेहरा, देवीलाल दीवान, त्रिलोक सिंह ठाकुर, देवेश कुमार तिवारी, विकास सिंह, नरेश कुमार बंजारे, पद्म जगत, श्वेता वैष्णव, सिद्धार्थ शंकर चटर्जी, दिलीप कुमार शर्मा, आकाश कदम, शैलेंद्र कुमार साहू, मुकेश कुमार देवांगन, संजय सिंह परिहार, विजय कुमार सोम, विपिन किशोर,कमलेश सिंह चन्द्र, टोमन लाल वर्मा,राजीव कुमार पटेल, प्रदीप कुमार चंद्राकर, रमन कुर्रे, कुमारी उमा ओगरे, रुक्मिणी भारद्वाज, सुरेन्द्र कुमार सोनी, संतोष साहू, कमल सिंधु पटेल, उमेश कुमार यादव,, वीरेन्द्र कुमार वर्मा, प्रहलाद कुमार वर्मा, दागेश्वर खटकर, लखन डोंगरे, अशोक कुमार, कर्ण कुमार उइके, विनोद कुमार छतवार, शैलेंद्र कुमार पाटले ।
यह सूची पुलिस मुख्यालय में भी चस्पा कर दी गई है ।

नक्सली नेटवर्क का पर्दाफ़ाश करने वाले 13 कर्मियों को समय पूर्व पदोन्नति

रायपुर । 15 दिसम्बर । पुलिस महानिदेशक श्री विश्वरंजन ने भूमिगत नक्सली माओवादियों के शहरी नेटवर्क उजागर करने वाले 13 कर्मचारियों को क्रम से पूर्व पदोन्नति का लाभ दिलाकर प्रोत्साहित किया है । इनमें एक सहायक उपनिरीक्षक, 2 प्रधान आरक्षक, 1 आरक्षक चालक और 9 आरक्षक सम्मिलित हैं जिन्हें क्रमश- उपनिरीक्षक, सहायक उप निरीक्षक, सहायक प्लाटून कमांडर एवं प्रधान आरक्षक के पद पर पदोन्नति का लाभ दिया जा रहा है ।

पुलिस विभाग द्वारा माओवादी गतिविधियों पर रोक लगाने एवं उनके भूमिगत नेटवर्क को उजागर कर समाप्त करने हेतु दिसम्बर 2007 से राजनांदगाँव, कांकेर, दुर्ग, रायपुर तथा बिलासपुर जिले में गुप्त अभियान चलाया गया था । अभियान के परिणाम स्वरूप छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर सहित आसपास के जिलों में लंबे समय से संचालित नक्सलियों के शहरी नेटवर्क का पर्दाफ़ाश संभव हो सका था और विभाग को एक बड़ी सफलता हाथ लगी थी । इसी अभियान के तहत गिरफ़्तार की गई महिला नक्सली जमुना से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर वरिष्ठ माओवादी विजय, सदस्य मालती व मीना ऊर्फ़ गीता की पहचान की गई जिसके पश्चात प्रफूल्ल झा की गिरफ्तारी, विजय उर्फ़ गुडसा उसेंडी के फरीदनगर भिलाई स्थित घर में दस्तावेज, हथियार व नगद रक़म जब्त की गई । इस प्रकार गठित विशेष कार्यदल में विभागीय कर्मियों की अतिरिक्त परिश्रम व अथक प्रयास से भूमिगत नक्सली माओवादियों का नेटवर्क उजागर हुआ था ।

नक्सली नेटवर्क को उजागर करने में विशेष भूमिका निभाने वाले जिन कर्मियों को उनके सराहनीय कार्य के लिए पुलिस रेग्युलेशन के पैरा 70-क एवं विसबल अधिनियम 56 (3) के तहत क्रम से पूर्व नियमानुसार पदोन्नति दी गई है, वे हैं – जिला राजनांदगाँव के सहायक उप निरीक्षक बोधन साहू और प्रधान आरक्षक कृष्णकुमार जिन्हें क्रमश- उप निरीक्षक एवं सहायक उप निरीक्षक पद पर पदोन्नति मिलेगी । इसी तरह 7 वीं वाहिनी, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के प्रधान आरक्षक अरविंद गिरी को सहायक प्लाटून कमांडर पद पर पदोन्नति मिलेगी । राजनांदगाँव के ही आरक्षक (चालक) ओंकार सिंह, आरक्षक राजकुमार द्विवेदी, सत्यनारायण शर्मा, संजय कुमार यादव, शरद कुमार, धन्ना लाल सिन्हा, सुरेश कुमार पांडेय, संतोष कुमार सिंह, शिवशंकर तिवारी और दीपक तिवारी को प्रधान आरक्षक पर पर पदोन्नत किया जायेगा । इसमें से नव आरक्षक द्वय शिवशंकर तिवारी और दीपक तिवारी को बेसिक प्रशिक्षण उत्तीर्ण होने के उपरान्त पदोन्नति मिल सकेगी ।

कुख्यात एवं दूर्दांत सशस्त्र दो माओवादी पुलिस के हत्थे चढ़े


रायपुर । विधानसभा चुनाव 2008 के दौरान झारखंड राज्य के सरहदी इलाके पर भाकपा-माओवादियों के बढ़ते दबाब के मद्देनज़र पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा मुकेश गुप्ता एवं पुलिस अधीक्षक बलरामपुर बद्रीनारायण मीणा के कुशल नेतृत्व में चलाये जा रहे अभियान के परिणामस्वरूप 2 दिसम्बर 2008 को पुलिस अधीक्षक को मुखबिर के ज़रिये सूचना मिली कि स्टेट कमेटी सदस्य वीरसाय, जोनल कमांडर विनय तथा एरिया कमेटी सदस्य जगदीश के नेतृत्व में 40-50 की संख्या में माओवादी झारखंड राज्य के गढिया ग्राम एवं छत्तीसगढ़ राज्य के बलरामपुर अंतर्गत पिपराही ग्राम के मध्य घनघोर जंगल में विधिविरूद्ध क्रियाकलापों एवं आतंकी घटना को अंजाम देने के उद्देश्य से आये हुए हैं ।

उक्त सूचना पर पुलिस अधीक्षक द्वारा डी।आर.आंचल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, के नेतृत्व में निरीक्षक अरबिंद किशोर खलखो, निरीक्षक एसआर खान, एसटीएफ एवं डीएफ की टीम गठित कर भाकपा-माओवादियों की धरपकड़ हेतु दिशानिर्देश देकर प्रातः 4 बजे थाना बलरामपुर से पिपराही गाँव की ओर रवाना किया गया।

पिपराही पहुँचने के पूर्व पुलिस पार्टी द्वारा नक्सलियो को चारों ओर से घेराबंदी करने के उद्देश्य से दो पार्टी बनायी गई । पहली पार्टी का नेतृत्व श्री आंचल वे दूसरी का नेतृत्व श्री खान कर रहे थे । दोनों पार्टी जैसे ही कन्हार नदी पर गढ़िया घाट पहुँचे कि 3-4 व्यक्ति पुलिस को देखकर घने जंगल मे छुपने की कोशिश करने लगे । पुलिस पार्टी को उक्त व्यक्तियों को दौडाकर पकड़ने का प्रयास किया गया । जिससे 2 व्यक्ति हथियार एवं पीठू सहित पकड़ में आ गये । एक व्यक्ति अपना हथियार फेंककर जंगल पहाड़ की आड़ लेकर भागने में सफल हो गया ।

पूछताझ में उन दोनों ने माकपा माओवादी का होना बताया । माकपा माओवादी एरिया कमांडर अशोक घांसी/नायक उर्फ कुलदीप उम्र 19 वर्ष आत्मज रामशत्रुघ्न साकिन बरकौल, थाना भंडरिया, जिला गढ़वा, झारखंड होना स्वीकार किया गया । दूसरा भाकपा माओवादी का सक्रिय सदस्य गौरी पनिका, उम्र 25 वर्ष, आत्मज बनारस पनिका, साकिन परसवार, थाना भंडरिया, जिला गढ़वा का होना बताया ।

दोनो भाकपा माओवादी ने हथियार फेंककर भागे हुए अपने साथी का नाम विजेन्द्र याद, साकिन परारवार का होना बताया है । पूछताझ के दौरान उसने अपने दस्ते के अन्य 40-45 साथियों एवं कमांडर वीरसाय, विनय एवं जगदीश की उपस्थिति झारखंड राज्य के गढ़वा जिले में कन्हार नदी के उस पार बढ़नी जंगल मे होना बताया है ।

पुलिस पार्टी आगे बढ़ते हुए सर्चिंग की लेकिन भाकपा-माओवादियों को पुलिस के आने की सूचना मिलने पर वे जंगल पहाड़ होते हुए झारखंड के चपिया, मतगढ़ी की ओर भाग गये । पूछताझ पर एरिया कमांडर कुलदीप ने बताया कि मैं वर्ष 2003 से भाकपा-माओवादी दस्ता में शामिल हूँ । पूर्व में मैं श्रीकांत के दस्ते मे काम किया था । कुछ समय रितेश एवं केश्वर के दस्ते में भी चैनपुर एरिया में काम कर चुका हूँ । वर्ष 2007 से अभी तक विजय उर्फ नेपाली उर्फ वीणा खेस तथा वीरसाय के नेतृत्व मे भाकपा माओवादी संगठन का कार्य कर रहा हूँ । जनवरी 2008 में मुझे तथा विश्वनाथ खैरवार को बरगढ़, भंडरिया एवं छत्तीसगढ़ क्षेत्र का एरिया कमांडर बनाया गया ।